पल पल जीते ले विश्वास
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ऐसी क्या मजबूरी है
हमसे क्यों यह दूरी है/
कब तक'बंकू'रहे उदास
आजा 'बाबू' मेरे पास//
है हमारा क्या कसूर
फिर हमदोनों काहे दूर/
एक हमारी यहीं अपील
हमें तो रहना है हिलमिल//
मैं तो छोता-छा 'दुग्गा' हूँ
छबका प्याला 'छुग्गा' हूँ/
कल ना छकता अभी प्लयाछ
छमझो दिल है तेले पाछ//
बछ दिनन का फेला है
ख़ता ना तेला- मेला है/
है दादा-दादी को विछवास
जीते पल-पल लेकल आछ//
आएँगे हीं अच्छे दिन
दिवछ बिताते हैं गिन गिन/
आएँगे जल्दी तेले पाछ
मत हो भैया कभी उदाछ//
दिवछ बिताते हैं गिन गिन/
आएँगे जल्दी तेले पाछ
मत हो भैया कभी उदाछ//
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