शनिवार, 18 मई 2019

            इससे कि पहले
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इससे पहले कि वक़्त फिसल जाए
इससे पहले कि मौसम बदल जाए
चलो अभी कुछ तूफानी कर जाएँ
चलो अभी कुछ नूरानी कर जाएँ
क्या पता कि कल हमहीं हो न हो
क्या पता कि कल तुम्हीं हो न हो
आज और अभी ये घड़ी  है हमारा
जोशे-जुनून है और साथ है तुम्हारा
क्यूँ व्यर्थ वक़्त को यूँ बर्बाद करें
क्यूँ न खुद को, जहां को आबाद करें

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