रंग भरे इस मौसम में
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रंग भरे इस मौसम में
कुछ तो रंग चुरा ले रे।।
बदरंग बनी है दुनियादारी
रंग-गुलाल उड़ा ले रे
रंग-रंगीली आई होली
बिछड़ों को आज मिला ले रे
रंग भरे इस मौसम में
कुछ तो रंग चुरा ले रे।।
वाद-विवाद-प्रतिवाद चले
पर संवाद भी चलने दे
ईर्ष्या-द्वेष,घृणारहित हो
मन से मिलन न टलने दे
औरों के हित-चिंतन से
दिल का दाग़ छुड़ा ले रे।
रंग भरे इस मौसम में
कुछ तो रंग चुरा ले रे।।
__अशोक झा'दुलार'
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रंग भरे इस मौसम में
कुछ तो रंग चुरा ले रे।।
बदरंग बनी है दुनियादारी
रंग-गुलाल उड़ा ले रे
रंग-रंगीली आई होली
बिछड़ों को आज मिला ले रे
रंग भरे इस मौसम में
कुछ तो रंग चुरा ले रे।।
वाद-विवाद-प्रतिवाद चले
पर संवाद भी चलने दे
ईर्ष्या-द्वेष,घृणारहित हो
मन से मिलन न टलने दे
औरों के हित-चिंतन से
दिल का दाग़ छुड़ा ले रे।
रंग भरे इस मौसम में
कुछ तो रंग चुरा ले रे।।
__अशोक झा'दुलार'
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