सोमवार, 25 मार्च 2019

[24/3, 12:51 am] अशोक झा 'दुलार': हो हर दिन होली
और हर रात दिवाली।
भरी रहे खुशियों से
जिंदगी की प्याली।
[24/3, 12:58 am] अशोक झा 'दुलार': वर्तमान की नज़र सामने
भविष्य देखता ऊपर है।
बिन बोले तस्वीर बोला
चलता साथ  भू पर है।
[25/3, 5:13 pm] अशोक झा 'दुलार': आज सम्भाले हो तू पापा
कल को मेरा आसमाँ।
तेरे दम से हीं तो मैं भी
कल संभालूँगा सारे जहाँ
[25/3, 5:24 pm] अशोक झा 'दुलार': मेरे कल का, आज है तू।
कल को मैं था,मगर आज
सबके दिल का सरताज है तू।।
[25/3, 5:34 pm] अशोक झा 'दुलार': मैं कड़ी हूँ तुम दोनों का
और, पीढ़ीयों का जंजीर हूँ।
मज़बूत बड़ी पकड़ है मेरी,
स्नेह-सरिता का मैंहीं निर्मल-नीर हूँ।।

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